कोरोना इफेक्ट: 30 मार्च से शुरू होगी 345 कैदियों को छोड़ने की प्रक्रिया

कोविड 19 कोरोना वायरस की वजह से नैनी सेंट्रल जेल से करीब 345 और रेंज स्तर से करीब 1100 कैदियों को छोडने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो जाएगी। नैनी सेंट्रल जेल के सात साल की सजा पाने वाले तीन कैदियों की सजा एक हफ्ते से लेकर 15 दिन में पूरी होने वाली है, इसलिए उन कैदियों ने पैरोल पर जाने से मना कर दिया है। दूसरी तरफ 14 वर्ष की सजा पाए 60 साल से ऊपर के 69 बंदियों के बारे में शासन और समिति की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। जिससे उनके पैरोल की उम्मीद धूमिल हो गई है। 


गौरतलब है कि कोविड 19 कोरोना वायरस के संक्रमण से जेल के कैदियों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सात साल की सजा पाने वाले और इतनी ही समयावधि की धाराओं ने निरुद्ध विचाराधीन बंदियों के साथ 14 साल की सजा पाए 60 साल से ऊपर के बंदियों को जमानत और पैरोल पर छोडने का निर्देश दिया था। शासन के आदेश पर नैनी सेंट्रल जेल से सात साल की सजा पाने वाले 48 सजायाफ्ता बंदियों, सात साल तक की सजाओं में निरुद्ध 300 विचाराधीन कैदियों और 14 साल की सजा पाए 60 साल से अधिक 69 बंदियों को मिलाकर कुल 417 की लिस्ट शासन को भेजी गई थी।

जिस पर शनिवार को प्रदेश की कारागार समिति की ओर से निर्देश आ गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि 69 में से एक की 28 मार्च को रिहाई हो गई है। डीआईजी जेल बीआर वर्मा ने बताया कि पूरे रेंज की आठ जेलों से करीब 1100 कैदी एवं बंदियों को जमानत व पैरोल दी जाएगी। 14 साल की सजा पाने वाले बंदियों के बारे में कोई निर्देश नहीं आया है। रिहाई की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी।